बौद्ध धम्म यात्रा – श्रद्धा, शांति और ज्ञान की यात्रा - १० रात और ११ दिन

11 Nights / 12 Days   |   Sarnath,Bodh Gaya,Rajgir,Vaishali,Kushinagar,Lumbini,Shrawasti,Lucknow

1 Day in
Sarnath
1 Day in
Bodh Gaya
1 Day in
Rajgir
1 Day in
Vaishali
1 Day in
Kushinagar
2 Days in
Lumbini
2 Days in
Shrawasti
1 Day in
Lucknow

About Package

प्रस्थान : सारनाथ रेलवे स्टेशन
समापन : लखनऊ रेलवे स्टेशन

“जहाँ-जहाँ तथागत के चरण पड़े, वहाँ-वहाँ करुणा की नदी बह उठी।”
यह यात्रा उन्हीं पवित्र स्थलों को नमन करने की है…

ट्रैवल जॉय के साथ भारत की पवित्र बौद्ध विरासत की एक परिवर्तनकारी यात्रा । १० दिनों में, बोधगया, राजगीर और लुम्बिनी जैसे प्रतिष्ठित स्थलों का अन्वेषण करें
और बुद्ध के ज्ञान प्राप्ती से लेकर महापरिनिर्वाण तक के उनके कदमों का अनुसरण करें।
शांत मठों, प्राचीन स्तूपों और आध्यात्मिक स्थलों की निर्मल सुंदरता का अनुभव करें। मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं
ऐतिहासिकविहरो में ध्यान के क्षण, मठों में दोपहर का भोजन और लखनऊ के अंबेडकर स्मारक पार्क की यात्रा। इतिहास, संस्कृति और शांति से भरपूर एक आत्मिक तीर्थयात्रा के लिए हमारे साथ जुड़ें।

DAY 1 - DAY 1 : सारनाथ

आगमन सारनाथ रेलवे स्टेशन धमेख स्तूप – जहाँ भगवान बुद्ध ने प्रथम धर्मचक्र प्रवर्तन किया। मुलगंध कुटी विहार – बुद्ध के उपदेशों की सुमधुर गूँज संग्रहालय व अन्य अंतर्राष्ट्रीय विहार रात्रि विश्राम – सारनाथ यही से धर्म की धारा संपूर्ण विश्व में बहने लगी…

DAY 2 - सारनाथ → बोधगया

दूरी: लगभग 260 km यात्रा समय: 6–7 घंटे ((“जग में हजारों दीप जले, पर ज्ञान का दीप बोधगया में।”)) आगमन बोधगया महाबोधि मंदिर – वही स्थल जहाँ सिद्धार्थ ने बुद्धत्व प्राप्त किया बोधि वृक्ष – शांत, पावन, स्पर्श मात्र से मन निर्मल ध्यान स्थल रात्रि विश्राम – बोधगया

DAY 3 - बोधगया – ध्यान और करुणा का दिवस

जापानी, थाई, तिब्बती, भूटानी मठ तपोभूमी (डून्गेश्वरी ) सुजाता कुटी – दान और करुणा की प्रेरणा निर्ञ्जना नदी शाम का ध्यान सत्र रात्रि विश्राम – बोधगया जहाँ बुद्ध बैठे थे—आज भी वही शांति हवा में घुली है…

DAY 4 - बोधगया → राजगीर

दूरी: लगभग 70 km यात्रा समय: 2 घंटे राजगीर दर्शन गृध्रकूट पर्वत – बुद्ध के अनेक उपदेशों का स्थल विश्व शांति स्तूप (रोपवे द्वारा) वेणुवन विहार – बुद्ध का प्रिय निवास रात्रि विश्राम – राजगीर (राजगीर की घाटियाँ आज भी जैसे बुद्ध के कदमों की आहट सुनती हैं…)

DAY 5 - राजगीर → वैशाली

दूरी: लगभग 105 km यात्रा समय: 3 घंटे अशोक स्तंभ अस्थी स्थल रात्रि विश्राम – वैशाली / मार्ग में

DAY 6 - वैशाली → कुशीनगर

दूरी: लगभग 260 km यात्रा समय: 6–7 घंटे रास्ते पर केसरिया स्तूपा का दर्शन लेते हुये कुशीनगर महापरिनिर्वाण मंदिर – जहाँ बुद्ध ने देह रूप छोड़ा रामाभार स्तूप – दाह संस्कार स्थल विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय विहार रात्रि विश्राम – कुशीनगर यहाँ आकर मन कहता है—बुद्ध कहीं गए नहीं, वे हर जगह हैं…

DAY 7 - कुशीनगर → लुंबिनी (नेपाल)

दूरी: लगभग 170 km यात्रा समय: 4 घंटे (अगर पाहुच्ने मे रात हो गायी तो पहले दिन सिर्फ हॉटेल मे रहना और दुसरे दिन संपुर्ण स्थान देख कर नेपाल मे हि रुखना ) लुंबिनी – सिद्कीधार्थ गौतम कि जन्मभूमि मायादेवी मंदिर अशोक स्तंभ रात्रि विश्राम – लुंबिनी

DAY 8 - लुंबिनी – शांति और ध्यान का दिन

विभिन्न देशों के मठो को भेट रात्रि विश्राम – नेपाल

यात्रा की सुविधाएँ:

 

  • रेल यात्रा (AC 3 Tier)

  • 2x2 AC बस द्वारा संपूर्ण यात्रा

  • नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन

  • उत्तम व आरामदायक निवास व्यवस्था

यात्रा मे सम्मिलित नही

  • संग्रहालय, रोपवे और अन्य प्रवेश टीकीट
  • जहा से बस नही जाती वहा ऑटो का किराया
  • ट्रेन के सफर के दौरान खान-पान
  • प्रवास विमा और इत्यादी

अन्य मुख्य चीजे

मुख्य दर्शनीय स्थल 

सारणाथ | बोधगया | राजगीर | नालंदा | तपोभूमि | वैशाली | कुशीनगर | केसरिया स्तूप | लुंबिनी (नेपाल) | कपिलवस्तु | श्रावस्ती | लखनऊ

विशेष आकर्षण 

  • स्वयं तैयार किया गया स्वादिष्ट एवं शुद्ध भोजन

  • प्रत्येक स्थल पर बौद्ध धम्म का विस्तृत मार्गदर्शन

  • भजन–गीत गायक कलाकारों के साथ प्रेरणादायी आध्यात्मिक वातावरण

सीमित स्थान – शीघ्र पंजीकरणआवश्यक!

जो भी यात्रा के लिये इच्छुक होंगे वो कृपया एडवांस 5000 /- देकर अभी से अपनी सीट  दिसंबर कृपया बुक करे . क्योंकी रेलवे रीझर्वेशन (Reservation) 2 महिने पहले बुक करणा होता है , इसका कृपया ध्यान रखे , धन्यवाद !